Friday, June 5, 2009

लगातार पिघल रहे हैं ग्लेशियर, तप रही धरती

निरंतर बिगड़ रहा पर्यावरण संतुलन बर्फीले रेगिस्तान लद्दाख के भविष्य के लिए एक चुनौती बन गया है। क्षेत्र में प्रदूषण से बढ़ रहे तापमान के कारण अब जहा लद्दाख का जीवन कहलाने वाले ग्लेशियर पिघल रहे हैं, वहीं पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र क्षेत्र के पागगाग सो, सो मोरारी व तोखर वैटलैंड के संरक्षण पर भी खतरा मंडराने लगा है। समय रहते इसका विकल्प नहीं ढूंढा गया तो लद्दाख व साथ लगते इलाकों से निकलने वाली नदियों का भविष्य दाव पर लग जाएगा।
ग्लोबल वार्मिग के चलते लद्दाख में लगातार पिघल रहे ग्लेशियर स्पष्ट चेतावनी दे रहे हैं कि अगर पर्यावरण संरक्षण नहीं हुआ तो आने वाला समय मुश्किलों से भरा होगा। ये ग्लेशियर ही बर्फ आश्रित नदियों के स्त्रोत हैं। इन दिनों लद्दाख में जारी पर्यावरण सप्ताह के तहत क्षेत्र के निवासियों को प्रदूषण रोकने व पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने का अभियान जारी है। पर्यावरण सप्ताह आज शुक्रवार को पर्यावरण दिवस पर संपन्न होगा। क्षेत्र में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर जहा पहले से प्रतिबंध है वहीं लद्दाख इंवायरोमेंट व इकालोजी ग्रुप जैसी कई गैर सरकारी संस्थाएं पर्यावरण सरंक्षण के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही हैं।
लद्दाख अटानोमस हिल डेवलपमेंट काउंसिल के चेयरमैन सीरिंग दोरजे का कहना है कि ग्लेशियरों का पिघलना लद्दाख के लिए प्रकृति के कहर से कम नहीं है। उनका कहना है कि लोगों का जागरूक होना ही पर्यावरण को बचाने का एकमात्र रास्ता है। इसके लिए बच्चों को तैयार किया जा रहा है।
फ्रेंड्स आफ लद्दाख संस्था की सदस्य डा. कविता सूरी ने कहा कि इस समय लद्दाख मुश्किल वक्त का सामना कर रहा है। वहा के मौसम में अप्रत्याशित बदलाव का कारण पर्यावरण असंतुलन ही है। लद्दाख में पहले बहुत कम बारिश होती थी। अब दो वर्ष से तेज बारिश व अचानक बाढ़ की चुनौती का लोगों को सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि अन्य ग्लेशियरों के साथ सिंधु नदी का एक मुख्य स्त्रोत सियाचिन ग्लेशियर का भी पिघलना अच्छा संकेत नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के चलते तापमान में हो रही वृद्धि ही लद्दाख के ग्लेशियरों के पिघलने का मुख्य कारण हैं। अगर इस चुनौती का सामना नहीं किया गया तो लद्दाख व साथ लगने अन्य इलाकों से निकलने वाली नदियों का भविष्य दाव पर लग जाएगा।
स्रोत : दैनिक जागरण, जम्मू (५.६.09)

1 comment:

  1. काफी अच्छा आलेख है। पर्यावरण के प्रति साकारात्मक सोच आनेवाली पीढ़ी के लिए फायदेमंद है।

    ब्लाग पर आने के लिए धन्यवाद,

    मंदार या उससे जुड़ी कोई जानकारी की जरुरत होगी तो जरुर आपको याद करूंगी।

    ReplyDelete