दुनिया की कुछ प्रमुख नदियों का जल स्तर पिछले पचास वर्षों में गिर गया है.
अमरीका में हुए एक नए अध्ययन के अनुसार इसकी प्रमुख वजह जलवायु परिवर्तन है.
दुनिया भर में सिर्फ़ आर्कटिक क्षेत्र में ही जल स्तर बढ़ा है और उसकी वजह तेज़ी से पिघल रही बर्फ़ है.
भारत की गंगा नदी से लेकर उत्तरी चीन की ह्वांग हे नदी या पीली नदी और अमरीका की कोलोरेडो नदी तक, दुनिया की अधिकतर जनसंख्या को पानी पहुँचाने वाली ये नदियाँ सूख रही हैं.
अमेरिकन मीटियरॉलॉजिकल सोसाइटी की जलवायु से जुड़ी पत्रिका ने वर्ष 2004 तक, पिछले पचास वर्षों में दुनिया की 900 नदियों के जल स्तर का विश्लेषण किया.
इसमें पता ये चला कि दुनिया के समुद्रों में जो जल पहुँच रहा है उसकी मात्रा लगातार कम हो रही है.
इसकी बड़ी वजह आदमी की कारगुज़ारियाँ हैं, फिर वो चाहे बाँध बनाना हो या खेती के लिए नदियों का मुँह मोड़ना.
मगर शोधकर्ताओं ने ये कहते हुए जलवायु परिवर्तन की भूमिका पर ज़ोर दिया है कि बढ़ते तापमान की वजह से वर्षा का क्रम बदल रहा है और जल के भाप बनने की प्रक्रिया तेज़ हो रही है.
शोधकर्ताओं ने पानी के स्रोतों की ऐसी क़मी पर चिंता ज़ाहिर करते हुए कहा है कि दुनिया भर में लोगों को इसकी वजह से काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
वैसे तो दक्षिण एशिया में ब्रह्मपुत्र और चीन में यांगज़े नदियों का जल स्तर अब भी काफ़ी ऊँचा है मगर चिंता ये है कि वहाँ भी ऊँचा जल स्तर हिमालय के पिघलते ग्लेशियरों की वजह से है.
यानी जैसे जैसे भविष्य में ग्लेशियर या हिम नद पिघलकर ग़ायब होंगे इन नदियों का जल स्तर भी नीचे हो जाएगा।
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स्रोत : बीबीसी
Tuesday, April 28, 2009
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